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http://ngonewsworld.com/33-human-rights/2939-rights-groups-raise-alarm-bells-on-secret-detentions-in-ukraine

International rights groups are raising the alarm about secret detentions in Ukraine. Amnesty International and Human Rights Watch together wrote a letter to Ukraine’s military prosecutor informing him about five victims of secret detention  in Kharkiv last month.These groups published a report this summer detailing the use of torture and secret detentions by both the Ukrainian government and the Russia-backed separatist rebels it is fighting in the country's east.The two groups on Monday said that 13 people have been released from a Security Service of Ukraine compound since the report came out. Monday's statement said the release of 13 people "confirms the need to end and investigate these abuses and deliver justice to the victims."

The fighting in eastern Ukraine has killed more than 9,500 people since it began in 2014.

Hindi Section

NNWN / Kolkata, 2016-08-28

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल माधव दवे ने पश्चिम बंगाल के विष्णुपुरक्षेत्र में कल हुई रेल दुर्घटना में मारे गए तीन हाथियों के संदर्भ में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। दवे ने सभी संबंधित स्थानीय अधिकारियों से ट्रेन दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कारणों का पता लगाने को कहा है। पर्यावरण मंत्री ने राज्य के वन विभाग अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया है कि वह इस मामले में रेल अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करें और हाथियों के संरक्षण की दिशा में उचित उपाय अपनाए। पर्यावरण मंत्रालय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और अन्य हाथी वाले क्षेत्रों से संबंधित राज्यों के साथ पूर्व-मध्य हाथी भूदृश्य में हाथियों के संरक्षण के लिए एक क्षेत्रीय भू-परिदृश्य योजना तैयार करने की पहल कर चुका है।

पश्चिम बंगाल वन विभाग ने भी दक्षिण बंगाल में मानव-हाथी संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए एक तीन वर्षीय कार्ययोजना तैयार की है। राज्य वन विभाग दुर्घटनाओँ को रोकने के लिए रेलपटरियों के निकट हाथियों की आवाजाही पर रेलवे अधिकारियों को एसएमएस के माध्यम से अलर्ट भेजेग। 

NNWN/ New Delhi, 2016-08-24

केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया बीमारियों के प्रकोप की ताजा स्थिति की उच्‍चस्‍तरीय समीक्षा किये जाने के बाद आज यहां स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय में सचिव सी.के. मिश्रा ने राष्‍ट्रीय राजधानी में चिकनगुनिया और डेंगू की रोकथाम के लिए विभिन्‍न एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा करने हेतु एक बैठक आयोजित की। दिल्‍ली सरकार, दिल्‍ली नगर निगमों, एनडीएमसी और दिल्‍ली छावनी बोर्ड के प्रतिनिधि एवं वरिष्‍ठ अधिकारीगण भी इस बैठक में उपस्थित थे।

चिकनगुनिया की रोकथाम एवं इसे काबू में रखने के लिए विभिन्‍न एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा की गई। एनसीआर दिल्‍ली में चिकनगुनिया और डेंगू के मामलों की बढ़ती संख्‍या को ध्‍यान में रखते हुए सचिव (स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण) ने नगर निगमों और दिल्‍ली सरकार के अधिकारियों से अगले दो महीनों के दौरान सतर्क रहने और चिकनगुनिया की रोकथाम एवं जागरूकता बढ़ाने के लिए आवश्‍यक कदम उठाने का आग्रह किया, ताकि इस स्थिति से पूरी मुस्‍तैदी के साथ निपटा जा सके तथा इसके और गंभीर रूप लेने से बचा जा सके। केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री द्वारा दिए गए निर्देश के अनुरूप मिश्रा ने दिल्‍ली सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी) और नगर निगमों से अपनी आईईसी संबंधी गति‍विधियों में बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने को कहा।

स्‍वास्‍थ्‍य सचिव को इस अवसर पर यह जानकारी दी गई कि गैर प्रतिरक्षा आबादी के कारण ही दिल्‍ली में चिकनगुनिया मामलों की संख्‍या हाल में बढ़ गई है, जबकि विगत वर्षों में चिकनगुनिया के मामलों की संख्‍या अपेक्षाकृत कम थी। वेक्टर मच्छर की बहुतायत, बड़े पैमाने पर निर्माण गति‍विधियों, जल भंडारण के चलन और लोगों की बढ़ती आवाजाही के साथ-साथ लोगों का रवैया भी मौजूदा स्थिति के लिए जिम्‍मेदार है। डेंगू की तुलना में मच्‍छरों में ऊष्मायन अवधि अपेक्षाकृत छोटी रहने के कारण ही चिकनगुनिया का प्रकोप बढ़ जाता है।

स्‍वास्‍थ्‍य सचिव को यह जानकारी दी गई कि दिल्‍ली में इस स्थिति पर नजर रखने के लिए मंत्रालय में नियंत्रण कक्ष बनाया गया है।

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