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Press Release

NGOs can file missing Annual Returns till June 14

NNWN/New Delhi, 2017-05-26

The Government has given one final opportunity to all associations/organizations which have applied for renewal of their registration under the Foreign Contribution (Regulation) Act, 2010 (FCRA) but not uploaded their Annual Returns from Financial Year 2010-11 to 2014-15. All such NGOs can upload their missing Annual Returns along with the requisite documents within a period of 30 days, starting from May 15, 2017 to June 14, 2017. Further no compounding fee will be imposed on them for late filing of Annual Returns during this period. This exemption is one time measure and available to those associations who upload their missing Annual Returns from FY 2010-11 to FY 2014-15 within this period. The renewal of registration under FCRA cannot be granted unless the Annual Returns are uploaded by the organization.

Hindi Section

NNWN / Shimla, 2017-05-12
 
केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री जे .पी. नड्डा ने आज मंडी में देश के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में न्‍यूमोकोकल कंजुगेट टीका (पीसीवी) लॉंच करने की घोषणा के अवसर पर कहा कि ‘टीका से बचाव वाली बीमारियों से देश में किसी भी बच्‍चे की मृत्‍यु नहीं होनी चाहिए‘ यही हमारी सरकार का लक्ष्‍य एवं प्रतिबद्धता है। उन्‍होंने कहा कि हम शिशु मृत्‍यु दर को कम करने एवं अपने शिशुओं को स्‍वस्‍थ भविष्‍य उपलब्‍ध कराने के प्रति‍ वचनबद्ध हैं। भारत के टीकाकरण कार्यक्रम में इसे एक ऐतिहासिक क्षण तथा एक उदाहरण देने योग्‍य कदम बताते हुए केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि सरकार बच्‍चों में मृत्‍यु दर एवं रुग्णता दर को कम करने के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्‍होंने कहा कि रुटीन टीकाकरण को मजबूत बनाना भारत के बच्‍चों में एक अनिवार्य निवेश है तथा यह देश का स्‍वस्‍थ भविष्‍य सुनिश्चित करेगा।
 
पीसीवी बच्‍चों को निमोनिया एवं मेनिनजाइटिस जैसी न्‍यूमोकोकल बीमारियों के प्रचंड रूपों से सुरक्षा प्रदान करती है। वर्तमान में यह टीका पहले चरण में हिमाचल प्रदेश एवं बिहार एवं उत्‍तर प्रदेश के कुछ हिस्‍सों के लगभग 21 लाख बच्‍चों को दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की टीका से बचाव वाली बीमारियों से बच्‍चों की जान बचाने की प्रतिबद्धता को दुहराते हुए नड्डा ने कहा कि सरकार ने कुल टीकाकरण की दिशा में उल्‍लेखनीय कदम उठाए हैं।  मिशन इंद्रधनुष के तहत अभी तक 2.6 करोड़ से अधिक लाभार्थियों का टीकाकरण कराया जा चुका है।
 
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने यह भी कहा कि ये सभी टीके निजी क्षेत्र में न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में कई वर्षों से उपलब्‍ध थे। श्री नड्डा ने कहा कि ‘निजी क्षेत्र में ये टीके केवल समृद्ध वर्ग के लिए ही सुलभ थे, यूआईपी के तहत उन्‍हें उपलब्‍ध कराने के जरिये सरकार  निर्धन एवं वंचित वर्गों के लिए भी समान रूप से उनकी उपलब्‍धता सुनिश्चित कर रही है।’ 

NNWN / New Delhi, 2017-01-27

देश के विभिन्न हिस्सों में किसानों द्वारा की जा रही खुदकुशी के पीछे मुख्य कारणों का पता लगाने के लिये सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकारों, केन्द्र शासित प्रदेशों और भारतीय रिजर्व बैंक से शुक्रवार को जवाब तलब किए।  चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर और जस्टिस एन वी रमण की बेंच ने इन सभी को चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश गैर सरकारी संस्था-सिटीजंस रिसोर्सेज एंड एक्शन एंड इनीशिएटिव की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए I न्यायालय ने टिप्पणी की कि यह देश भर के किसानों से जुड़े व्यापक जनहित का बहुत ही संवेदनशील मामला है।

-इस पिटिशन में किसानों की सुसाइड घटनाओं की और किसानों की समस्याओं से जुड़े अनेक मुद्दे उठाए गए हैं।

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NNWN / 2015-09-17

Nobel Laureate Malala Yousfazai has appealed the people to support her for the cause of over 60 million girls around the world who are deprived the opportunity of an education.She made an appeal through Change.org requesting people to sign the petition and extend the support.

The Global Partnership for Education (GPE) receives funds from donor countries around the globe and supports the education plans of over 60 of the world’s poorest nations. In December, the GPE Board of Directors will meet to agree whether its current mandate of raising money for basic education for girls is the right one or whether they should aim higher and commit to funding for education for every girl through secondary school, as in the new United Nations Sustainable Development Goals agreed by world leaders.In her appeal, she said,”I am asking you to stand with me and our 60 million sisters around the world in asking the GPE to extend its mission and GPE partners to increase their funding to support 12 years of free primary and secondary education for every girl, no matter where they live.”

Since the GPE is a major funder of education, providing funds to support 12 years of primary and secondary school would have a dramatic impact on the lives of millions of girls around the world. The time to act is now, she urged.

Malala Yousfazai, Nobel Laureate, Global partnership for education( GPE), change.org, girl education.