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NNWN/ Bhopal, 2018-07-10
 
बीना परियोजना प्रभावित किसानों की महापंचायत ग्राम खेजरामाफ़ी में आयोजित की गई। जिसमें 16 जुलाई को राज्यपाल एवं जलसंसाधन मंत्री को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। महापंचायत को संवोधित करते हुए किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष जनांदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के राष्ट्रीय संयोजक पूर्व विधायक डॉ.सुनीलम ने कहा कि बीना परियोजना का मकसद किसानों को सिंचाई का पानी देना नहीं बल्कि बीना रीफाइनरी को पानी उपलब्ध कराना है। जिस तरह सरदार सरोवर बांध का पानी कम्पनियों को दिया जा रहा है वैसा ही बीना परियोजना में होने बाला है । मुख्यमंत्री द्वारा 2 जुलाई को परियोजना का भूमि पूजन करने को चुनावी कर्मकांड बताते हुए डॉ.सुनीलम ने कहा की गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह द्वारा 2 जुलाई को खुरई वासियों के लिए दिवाली का दिन बताया जाना घोर अनैतिक एवं आपत्तिजनक है क्योंकि बीना परियोजना से 62 ग्राम उजड़ने बाले हैं तथा 50 हजार ग्रामीणों को उजाड़ कर उनका भविष्य बर्वाद करने को दिवाली नहीं कहा जा सकता। डॉ. सुनीलम ने कहा की किसी भी प्रदेश के गृह मंत्री को सर्वाधिक न्यायप्रिय होना चाहिए लेकिन भूपेंद्र सिंह चुनाव जीतने के लिए घोर अन्याय करने पर आमादा हैं। लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह को कमजोर एवं झूठ बोलने बाला मंत्री बताते हुए डॉ.सुनीलम ने कहा की सिंचाई विभाग की आपत्ति होने के बाववूद मतदाताओं को गुमराह करने के उद्देश्य से उन्होंने 14 अप्रेल को 14 करोड़ की सड़कों और 7 करोड़ के पुल का भूमि पूजन करते हुए कहा की यदि परियोजना बनने वाली होती तो शासन क्यों इन परियोजनाओं को मंजूरी देता ? डॉ. सुनीलम ने सरकार से विस्थापितों के सम्पूर्ण पुनर्वास की योजना की विस्तृत जानकारी के साथ साथ भूमि अधिग्रहण सम्बन्धी विस्तृत विवरण को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की सरकार से मांग करते हुए कहा कि उसमें यह भी स्पष्ट किया जाये की बीना रिफायनरी को बीना परियोजना से कितना पानी प्रतिदिन दिया जायेगा? उन्होंने कहा की सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट फैसला है की विना सम्पूर्ण पुनर्वास के किसी भी परियोजना का कार्य नहीं किया जा सकता है। डॉ.सुनीलम ने कहा की 17 अप्रेल को जब प्रभावित किसानों ने बेगमगंज के अनुविभागीय अधिकारी से मुलाकात की थी तब उन्होंनकहा था की बेगमगंज तहसील के किसी भी गाँव में बीना परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण नहीं किया जा रहा है । आज भी राहतगढ़ एस डी एम ने कहा कि माड़िया बांध प्रभावित किसानों को  धारा 19 के  नोटिस  जारी नहीं किये गए है केवल धारा 11 के तहत सार्वजनिक सूचना दी गई है।
 
सामाजिक कार्यकर्ता श्रीराम सेन ने बीना परियोजना के सर्वे को फर्जी बताए हुए कहा की डूब में आने वाली जमीनें असिंचित बताई गई हैं जबकि वास्तविक तौर पर वे जमीने सिंचित हैं जिन्हें मैंने स्वयं देखा है उन्होंने फर्जी आंकड़ों के आधार पर परियोजना तैयार करने वाले अधिकारीयों पर कार्यवाही करने की मांग करते हुए बहुफसली जमीन को डुबाने वाली बीना परियोंजना को रद्द करने की मांग की । समाजवादी पार्टी के पार्षद मुन्नादाना ने कहा की डॉ.सुनीलम जब समाजवादी पार्टी के विधायक दल के नेता थे तब उन्होंने विधान सभा के भीतर वार वार  सवाल उठा कर तथा बेगमगंज और भोपाल की सड़कों पर लड़ कर तथा केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री के समक्ष आन्दोलन कर बीना परियोजना को रोकने में सफलता पाई थी उन्होंने कहा की बेगमगंज के नागरिक डूब के प्रति आशंकित हैं उन्हें भी गुमराह किया जा रहा है। पूर्व मंडी सदस्य निर्भय सिंह ने कहा की किसान संघर्ष समिति ने पहले भी किसानों को हक़ और न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया है आगे भी करते रहेंगे । पूर्व सरपंच कुबेरसिंह कुर्मी ने कहा की हम सभी किसान राजनीति और जातपांत से ऊपर उठ कर अपनी जमीन बचाने के लिए किसान संघर्ष करेंगे। हम एक इंच भी जमीन नहीं देंगे ।हम अपने विधायक और सांसद से अपील करते हैं की वे हमारी मदद के लिए आगे आयें । उन्होंने कहा की जिस तरह सर्वोच्च न्यायालय के कहने पर नर्मदा घटी के किसानों को 60 लाख रूपये हेक्टेयर तथा जमींन के बदले जमींन दी गई वैसे ही हमें भी मुआवजा और जमींन दी जाये तथा हर परिवार के एक सदस्य को सरकार नौकरी देने का काम करे । महापंचायत में बीना परियोजना के लिए किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देने के लिए सभी गांव के किसानों के हस्ताक्षर  सहित ज्ञापन एवं  ग्राम सभाओं के प्रस्ताव लेकर परियोजना अधिकारी ,जिलाधीश ,विधायक, सांसद एवं प्रभारी मंत्री को देने तथा संगठित रहने का संकल्प लिया गया।